हम आजाद हैं तो किस और आजादी चाहिए तो किस ( कविता )
हम आजाद हैं तो किस और आजादी चाहिए तो किस आजाद कोई नहीं है यहां सही सुना आपने ना मैं ना अपना सरकार??? सोचने वाली..
हम आजाद हैं तो किस और आजादी चाहिए तो किस आजाद कोई नहीं है यहां सही सुना आपने ना मैं ना अपना सरकार??? सोचने वाली..
कविता, राजन दास। हमर समाज बाजार मे रहत ओ घनिष्ठ मित्र लोकनि स्तब्ध भ’ जेताह हमर परिवार नष्ट भ’ जायत जाहि दिन हम मरब..
© 2023 All Rights Reserved || Designed by: PROTECH